सैय्यदा फ़ातिमा ज़हरा (स:अ) और चालीस हदीसे रसूल (स:अ:व:व)
  संख्या    हदीस  (रिफरेन्स के साथ)   
       
  1

पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, क़यामत के दिन जब हातिफ़'ए'ग़ैबी आवाज़ दे तो अपनी आँखे उस वत तक नीची रखो जब तक फ़ातिमा (स:अ) न गुज़र जाएँ" कंज़ अल-अमाल, व्. 13, पेज. 91 & 93, मुन्तखब कंज़ अल-अमाल अल-मसनद के हाशिये पर लिखा  व्. 5, पेज. 96; अल-सवा'ईक़ Al-मुहा'रिका, पेज. 190; असद अल-गाबा, व्. 5, पेज. 523; तजकिरत अल-ख़वास, पेज. 279; ज़का'इर अल-उकुबी, पेज. 48; मनाकिब अल-ईमाम अली इब्न अल' मग'अज़ली, पेज. 356; नूर अल-अबसार, पेज. 51-52, यनाबी की अल-मुवद'दा, व्. 2, अध्याय. 56, पेज. 136.

 
         
  2 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "जब मुझे जन्नत की ख़ुशबू की तलब होती है तो मै फ़ातिमा (स:अ) की गर्दन क़ो सूँघता हूँ"  
         
  3 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "दुन्या की सारी औरतों में चार सब से बेहतर हैं, मरियम, आसिया, ख़दीजा और फ़ातिमा (स:अ) "  
         
  4 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "या अली, मुझे जिब्राइल ने ख़बर दी है के अल्लाह ने तुम्हारी शादी फ़ातिमा (स:अ)  से की है"  
         
  5 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "मै राज़ी नहीं हो सकता जब तक फ़ातिमा (स:अ)  राज़ी न हों"  
         
  6 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "या अली, अल्लाह ने मुझे तुम्हारी शादी  फ़ातिमा (स:अ)  से करने का हुक्म दिया है"  
         
  7 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "हक़ीक़त में, अल्लाह ने अली की शादी फ़ातिमा (स:अ)  से की है"  
         
  8 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "एक माँ के सभी बच्चे अपने बाप के रिश्ते से जुड़े हैं, सिवाए फ़ातिमा (स:अ)  के बच्चों के"  
         
  9 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "एक औरत के सभी बच्चे अपने बाप के रिश्ते से जुड़े हैं, सिवाए फ़ातिमा (स:अ)  के बेटों के"  
         
  10 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "मझे अपने घर में सबसे ज़्यादा फ़ातिमा (स:अ)  से मोहब्बत है"  
         
  11 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, कायनात की चार सबसे बड़ी ख़ातून में मरियम, आसिया, ख़दीजा और फ़ातिमा (स:अ)  हैं"  
         
  12 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "जन्नत की औरतों की सरदार फ़ातिमा (स:अ)  हैं"  
         
  13 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "अगर मै जन्नत के फलों या फ़ातिमा (स:अ) में से एक क़ो चुनना हो तो मै फ़ातिमा (स:अ) क़ो प्यार करूँगा"  
         
  14 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "मर्दों में बहुत सारे तकमील तक पहुँच गए लेकिंग औरतों में सिर्फ़ चार के अलावा कोई पाया-ए-तकमील तक नहीं पहुँच सकीं, वो हैं, मरयमआसियाख़दीजाऔर फ़ातिमा (स:अ)"  
         
  15 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "जन्नत में सबसे पहले दाख़िल होने वालों में अली (अ:स) और फ़ातिमा (स:अ) हैं"  
         
  16 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "आयाते ततहीर पांच लोगों के लिये नाज़िल हुई है, जिनमे मै, अली, फ़ातिमा (स:अ), हसन और हुसैन हैं"  
         
  17 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "जन्नत की सबसे बेहतरीन औरतों में मरयम, आसिया, ख़दीजा और फ़ातिमा (स:अ) हैं"  
         
  18 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "सबसे पहले जन्नत में फ़ातिमा (स:अ) दाख़िल होंगी"  
         
  19 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "मेहदी मेरे घराने और फ़ातिमा (स:अ) की औलादों में से है"  
         
  20 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "हक़ीक़त है, अल्लाह ने जहन्नम की आग क़ो अलग किया है मेरी बेटी फ़ातिमा (स:अ) और उसकी औलादों क़ो और उनको जो इन्से मोहब्बत करते हैं, इसी वजह से इसका नाम फ़ातिमा (स:अ) है"  
         
  21 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "फ़ातिमा (स:अ), तुम मेरे अहलबैतों में सबसे पहले होंगी जो मेरे बाद मेरी सुनत पर अमल करोगी"  
         
  22 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "फ़ातिमा (स:अ) मेरा हिस्सा है, जिसने इसे नाराज़ किया उसने मुझे नाराज़ किया"  
         
  23 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "फ़ातिमा (स:अ) मेरा हिस्सा है, जिसने इसे राज़ी किया उसने मुझे राज़ी किया"  
         
  24 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "फ़ातिमा (स:अ) जन्नत की औरतों की सरदार हैं"  
         
  25 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "फ़ातिमा (स:अ) मेरा हिस्सा हैजिसने इसे नुक़सान पहुंचाया किया उसने मुझे नुक़सान पहुंचाया"  
         
  26 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "फ़ातिमा (स:अ) जन्नत की हुरियों में से हैं जो इंसानी शक्ल में ज़मीन पर आयीं"  
         
  27 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "फ़ातिमा (स:अ) जन्नत से इंसानी  शक्ल में जामें पर आयीं, इन्हें मासिक हैज़ नहीं होता"  
         
  28 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "फ़ातिमा (स:अ) मेरा हिस्सा हैजिसने इसे नुक़सान पहुंचाया किया उसने मुझे नुक़सान पहुंचाया, और जो भी उसके खिलाफ़ है मेरे खिलाफ़ ह"  
         
  29 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "फ़ातिमा (स:अ) मेरा हिस्सा हैजिसने इसे नुक़सान पहुंचाया किया उसने मुझे नुक़सान पहुंचाया, और जो भी उसे ख़ुश रखता है मुझे ख़ुश रखता है"  
         
  30 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "या अली फ़ातिमा (स:अ) मुझे तुम से ज़्यादा महबूब है और तुम मुझे फ़ातिमा (स:अ)से ज़्यादा प्यारे हो"  
         
  31 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "फ़ातिमा (स:अ) मेरा हिस्सा है, मेरा दिल और रूह है जो मेरे दो पहलू हैं"  
         
  32 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "फ़ातिमा (स:अ) मेरी कौम की औरतों की सरदार है"  
         
  33 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "फ़ातिमा (स:अ) मेरी शाख हैजिसने इसे ख़ुश किया मुझे ख़ुश किया और जिसने इसे नाराज़ किया मुझे नाराज़ किय"  
         
  34 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया," फ़ातिमा (स:अ) मेरा हिस्सा है - जो इसे तकलीफ पहुंचाता है मुझे तकलीफ पहुंचाता है और जो इसे ख़ुश करता है मुझे ख़ुश करता है"  
         
  35 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया," फ़ातिमा (स:अ) मेरा हिस्सा है - जो इसे नुक़सान पहुंचाता है मुझे नुक़सान पहुंचाता है"  
         
  36 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "फ़ातिमा (स:अ)ा मेरे दिल की ख़ुशी है, और इसके बेटे मेरे रूह के फल हैं"  
         
  37 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "फ़ातिमा (स:अ) हज़रत आदम की औलादों की औरतों की तरह नहीं हैं"  
         
  38 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "फ़ातिमा (स:अ)ा मेरा हिस्सा है - जो इसे दुख़ पहुंचाता है मुझे दुख़ पहुंचाता है और जो इसे ख़ुश करता है मुझे ख़ुश करता है"  
         
  39 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया," फ़ातिमा (स:अ), हक़ीक़त है की जब तुम नाराज़ होती हो तो अल्लाह नाराज़ होता है"  
         
  40 पैग़म्बर (स:अ:व:व) ने फ़रमाया, "फ़ातिमा (स:अ) अल्लाह न तुम्हे कोई तकलीफ देगा न तुम्हारे किसी बच्चों क़ो"  
         

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