दुआ मुजीर्﴿

यह हज़रत रसूल खुद से मन्क़ूल बड़ी शान वाली दुआ है और रिवायत है की हज़रत जिबरईल (अ:स) ने रसूल अकरम (स:अ:व:व) को इस वक़्त पहुंचाई जब आप मुक़ाम इब्राहीम (अ:स) में नमाज़ अदा कर रहे थेकफ़'अमी ने बल्द'अल अमीन में और मिस्बाह में इस दुआ को दर्ज किया है और हाशिये में इसकी फ़ज़ीलत भी ज़िक्र की हैवह लिखते हैं की जो शख्स  रमज़ान के अय्याम-ए-बैज़ (13,14,15 रमज़ान) में पढ़े तो इसक गुनाह माफ़ हो जायेंगे, चाहे वोह बारिश के क़तरों, दरख़्तों पत्तों, और सहरा की रेत के ज़र्रों के बराबर क्यों न हों! और यह दुआ मर्ज़ से शिफ़ा, अदाये कर्ज़, फ़राख़ी व तवंगरी और ग़म के दूर होने के लिए भी मुफ़ीद है!   

दुआए मुजीर 13, 14, 15 रमज़ान उल'मुबारक को पढ़ने की बहुत ताकीद की गयी है 

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बिमिल्लाह हिर रहमानिर रहीम बिमिल्लाह हिर रहमानिर रहीम

بسم الله الرحمن الرحيم

तू पाक है ऐ अल्लाह तू बुलन्दतर है ऐ रहम करने वाले हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ मेहरबान, तू बुलन्दतर है ऐ करीम हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ बादशाह, तू बुलन्दतर है ऐ आक़ा हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ पाक'तरीन, तू बुलन्दतर है ऐ सलामती देने वाले हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाल तू पाक है ऐ अमन देने वाले , तू बुलन्दतर है ऐ निगहबान  हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ  साहिबे इज़्जत, तू बुलन्दतर है ऐ ज़बरदस्त हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ बड़ाई वाले तू बुलन्दतर है ऐ बड़ाई के मालिक हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ सुरतगर वाले तू बुलन्द है  ठहराने वाले हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ  हिदायत देने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ बाक़ी रहने वाले हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ  बहुत देने वाले तू बुलन्दतर है, ऐ तौबा क़बूल करने वाले हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ खोलने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ साहिबे राहत हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ मेरे सरादर, तू बुलन्दतर है ऐ मेरे मौला हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ नज़दीक तर तू बुलन्दतर है ऐ निगहदार हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ इब्तिदा करने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ लौटाने वाले हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ हंद के लायेक , तू बुलन्दतर है ऐ शान वाले हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ सब से पहले, तू बुलन्दतर है ऐ बुज़ुर्गतर हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ बख्शने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ लायक़ शुक्र हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ गवाही दे वाले, तू बुलन्दतर है ऐ हाज़िर व मौजूद हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ मोहब्बत वाले, तू बुलन्दतर है ऐ एहसान करने वाले हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ उठाने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ सच्चे वारिस हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ ज़िंदा करने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ मौत देने वाले हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ ज़िंदा करने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ मौत देने वाले हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ मेहरबानी करने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ साथ देने वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ रफ़ीक़ करने वाले, तू बुलन्दतर है ऐहमदम व यावर, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ जलालत वाले, तू बुलन्दतर है ऐ साहिबे हुस्न, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ ख़बर रखने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ देखने वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ साहिबे अक़्ल, तू बुलन्दतर है ऐ मुराद बार लाने वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ माबूद, तू बुलन्दतर है ऐ मौजूद हक़ीक़ी, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ बख्शने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ ज़बरदस्त, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ याद किये हुए तू बुलन्दतर है शुक्र किये गए, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले    तू पाक है ऐ बहुत ज़यादा सख़ी , तू बुलन्दतर है ऐ जाए-पनाह, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ सबसे अव्वल , तू बुलन्दतर है रिज़्क़ देने वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ साहिबे सिद्क़ , तू बुलन्दतर है ऐ शगाफ्ता करने वाले , हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ सुनने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ तेज़-तर , हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ बुलंदी वाले, तू बुलन्दतर है ऐ जिद्दत वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ बड़े फ़ाएल , तू बुलन्दतर है ऐ आली तर , हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ फैसला करने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ जिद्दत वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ ज़बरदस्त वाले, तू बुलन्दतर है ऐ पाकीज़गी वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ साहिबे ईल्म वाले, तू बुलन्दतर है ऐ हुक्म, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ हमेशा रहने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ माबूद, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ हिफाज़त करने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ तक़सीम करने वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ तवनगर, तू बुलन्दतर है ऐ तवनगर करने वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ वफ़ा वाले, तू बुलन्दतर है ऐ क़ुव्वत वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ किफायत करने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ शिफ़ा देने वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ सबसे पहले, तू बुलन्दतर है ऐ सब आखिर रहने वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ सबसे अव्वल, तू बुलन्दतर है ऐ सबसे आखिर मौजूद , हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ आशकार, तू बुलन्दतर है ऐ पोशीदा, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ उम्मीदगाह, तू बुलन्दतर है ऐ उम्मीद किये हुए, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ साहिबे एहसान, तू बुलन्दतर है ऐ साहिबे बख्शीश, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ ज़िन्दा, तू बुलन्दतर है ऐ निगहबान, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ यगाना वाले, तू बुलन्दतर है ऐ यकता, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ आक़ा, तू बुलन्दतर है ऐ बे'नियाज़, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ साहिबे क़ुदरत, तू बुलन्दतर है ऐ साहिबे कब्र, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ हाकिम वाले, तू बुलन्दतर है ऐ ज़ाते आली, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ बुलंद वाले, तू बुलन्दतर है ऐ सबसे बुलंद, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ सरपरस्त, तू बुलन्दतर है ऐ मालिक, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ हवा चलाने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ पैदा करने वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ पस्त करने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ बुलंद करने वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ परा'गंदा करने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ इकट्ठा करने वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ इज़्ज़त देने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ ज़िल्लत देने वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ हिफाज़त करने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ निगहबान, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ क़ुदरत वाले, तू बुलन्दतर है ऐ इक़तदार वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ इल्म वाले, तू बुलन्दतर है ऐ हिल्म वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ फ़ैसला करने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ हिकमत वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ आता करने वाले,  तू बुलन्दतर है ऐ रोक लेने वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ नुकसान देने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ नफ़ा देने वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐदुआ क़बूल करने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ हिसाब करने वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ अदल करने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ जुदा करने वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ लुत्फ़ करने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ इज़्ज़त वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ पालने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ बरहक़, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ बुज़ुर्गी वाले, तू बुलन्दतर है ऐ यकता, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ माफ़ करने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ बदला लेने वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ कुशादगी वाले, तू बुलन्दतर है ऐ कुशादगी देने वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ मेहरबानी करने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ नरमी करने वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ बे मिस्ल, तू बुलन्दतर है ऐ तन्हा, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ निगाह रखने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ अहाता करने वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ कारसाज़ वाले, तू बुलन्दतर है ऐ इन्साफ करने वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ रौशन'तर , तू बुलन्दतर है ऐ मोहकम, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ नेक व तर , तू बुलन्दतर है ऐ मोहब्बत वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ हिदायत वाले, तू बुलन्दतर है ऐ हिदायत देने वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ नूर, तू बुलन्दतर है ऐ नूर देने वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ मदद करने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ मददगार, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ बर्दाश्त करने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ सब्र करने वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ जमा करने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ पैदा करने वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ पाक व पाकीज़ा, तू बुलन्दतर है ऐ जज़ा देने वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ फयाद रस , तू बुलन्दतर है ऐ फरयाद को पहुँचने वाले, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ पैदा करने वाले, तू बुलन्दतर है ऐ मौजूद, हमें आग से पनाह दे ऐ पनाह देने वाले तू पाक है ऐ बड़ाई और हुस्न वाले, तू बुलन्दतर है ऐ साहिबे इक़तदार और जलालत वाले तू पाक है, सिवाए तेरे कोई माबूद नहीं है तू पाक है बेशक मैं ख़ताकारों में से हूँ पास हमने इसकी दुआ क़बूल की और हमने इसको रंज से निजात दी, और हम मोमिनों को इसी तरह निजात देते हैं और ख़ुदा हमारे सरदार  हज़रत मुहम्मद (स:अ:व:व) पर और उनकी सारी आल (अ:स) पर रहमत फ़रमाये, और सारी तारीफ़ अल्लाह ही के लिए है जो आलामीन का रब है और अल्लाह हमारे लिए काफ़ी है और कारसाज़, और नहीं कोई ताक़त व क़ुव्वत मगर वही जो बुलंद व बर्तर ख़ुदा से मिलती है

 

سُبْحانَکَ یَا اللهُ، تَعالَیْتَ یَا رَحْمنُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ سُبْحانَکَ یَا رَحِیمُ تَعالَیْتَ یَاکَرِیمُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیر ۔ سُبْحانَکَ یَا مَلِکُ، تَعالَیْتَ یَا مالِکُ أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ، سُبْحانَکَ یَا قُدُّوسُ، تَعالَیْتَ یَا سَلامُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ سُبْحانَکَ یَا مُؤْمِنُ،تَعالَیْتَ یَا مُھَیْمِنُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ، سُبْحانَکَ یَا عَزِیزُ، تَعالَیْتَ یَا جَبَّارُ، أَجِرْنا مِنَ  النَّارِ یَا مُجِیرُ۔ سُبْحانَکَ یَا مُتَکَبِّرُ، تَعالَیْتَ یَا مُتَجَبِّرُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ۔ سُبْحانَکَ یَا خالِقُ، تَعالَیْتَ یَا بارِی أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ۔ سُبْحانَکَ یَا مُصَوِّرُ، تَعالَیْتَ یَا مُقَدِّرُ،أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ۔ سُبْحانَکَ یَا ہادِی، تَعالَیْتَ یَا باقِی، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ۔سُبْحانَکَ  یَا وَہَّابُ، تَعالَیْتَ یَا تَوَّابُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ ۔ سُبْحانَکَ یَا فَتَّاحُ، تَعالَیْتَ یَا مُرْتاحُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ ۔ سُبْحانَکَ یَا سَیِّدِی، تَعالَیْتَ یَا مَوْلایَ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ،سُبْحانَکَ یَا قَرِیبُ، تَعالَیْتَ یَا رَقِیبُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ ۔ سُبْحانَکَ یَا مُبْدِیَُ، تَعالَیْتَ یَا مُعِیدُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ ۔سُبْحانَکَ یَا حَمِیدُ، تَعالَیْتَ یَا مَجِیدُ، أَجِرْنا مِنَ النّارِ یَا مُجِیرُ سُبْحانَکَ یَا قَدِیمُ،تَعالَیْتَ یَا عَظِیمُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ، سُبْحانَکَ یَا غَفُورُ،تَعالَیْتَ یَا شَکُورُ،أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ۔ سُبْحانَکَ یَا شَاھِدُ، تَعالَیْتَ یَا شَھِیدُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِیَا مُجِیرُ۔ سُبْحانَکَ یَا حَنَّانُ، تَعالَیْتَ یَا مَنَّانُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ۔سُبْحانَکَ یَا بَاعِثُ،تَعالَیْتَ یَا وَارِثُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ۔ سُبْحانَکَ یَا مُحْیِی،تَعالَیْتَ یَا مُمِیتُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ۔ سُبْحانَکَ یَا شَفِیقُ، تَعالَیْتَ یَا رَفِیقُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ ۔ سُبْحانَکَ یَا أَنِیسُ، تَعالَیْتَ یَا مُؤْنِسُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ ۔ سُبْحانَکَ یَا جَلِیلُ، تَعالَیْتَ یَا جَمِیلُ،أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ ۔سُبْحانَکَ یَا خَبِیرُ، تَعالَیْتَ یَا بَصِیرُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرسُبْحانَکَ یَا حَفِیُّ،تَعالَیْتَ یَا مَلِیُّ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ ۔ سُبْحانَکَ یَا مَعْبُودُ، تَعالَیْتَ یَا مَوْجُودُ،أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ۔ سُبْحانَکَ یَا غَفَّارُ، تَعَالَیْتَ یَا قَہَّارُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ،سُبْحانَکَ یَا مَذْکُورُ، تَعالَیْتَ یَا مَشْکُورُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ۔ سُبْحانَکَ یَا=جَوادُ تَعالَیْتَ یَا مَعاذُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ ۔ سُبْحانَکَ یَا جَمالُ، تَعالَیْتَ یَا جَلالُ،أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ ۔ سُبْحانَکَ یَا سَابِقُ، تَعالَیْتَ یَا رَازِقُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ سُبْحانَکَ یَا صَادِقُ، تَعالَیْتَ یَا فَالِقُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ ۔ سُبْحانَکَ یَا سَمِیعُ،تَعالَیْتَ یَا سَرِیعُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ۔ سُبْحانَکَ یَا رَفِیعُ، تَعالَیْتَ یَا بَدِیعُ،أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ ۔ سُبْحانَکَ یَا فَعَّالُ، تَعالَیْتَ یَا مُتَعالٍ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ سُبْحانَکَ یَا قَاضِی، تَعالَیْتَ یَا رَاضِی، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ ۔ سُبْحانَکَ یَا قَاھِرُ،تَعالَیْتَ یَا طَاھِرُ،أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ ۔ سُبْحانَکَ یَا عَالِمُ، تَعالَیْتَ یَا حَاکِمُ،أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُسُبْحانَکَ یَا دائِمُ، تَعالَیْتَ یَا قائِمُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ ۔سُبْحانَکَ یَا عَاصِمُ، تَعالَیْتَ یَا قاسِمُ،أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ، سُبْحانَکَ یَا غَنِیُّ،تَعالَیْتَ یَا مُغْنِی، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ سُبْحانَکَ یَا وَفِیُّ، تَعالَیْتَ یَا قَوِیُّ،أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ۔ سُبْحانَکَ یَا کَافِی،تَعالَیْتَ یَا شَافِی،أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ سُبْحانَکَ یَا مُقَدِّمُ، تَعالَیْتَ یَا مُؤَخِّرُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ سُبْحانَکَ یَا أَوَّلُ، تَعالَیْتَ یَا آخِرُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ سُبْحانَکَ یَاظَاھِرُ، تَعالَیْتَ یَا بَاطِنُ،أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ۔ سُبْحانَکَ یَا رَجَاءُ، تَعالَیْتَ یَا مُرْتَجیٰ،أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ۔ سُبْحانَکَ یَا ذَا الْمَنِّ، تَعالَیْتَ یَا ذَا الطَّوْلِ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ ۔سُبْحانَکَ یَا حَیُّ، تَعالَیْتَ یَا قَیُّومُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ ۔ سُبْحانَکَ یَا واحِدُ  تَعالَیْتَ یَا أَحَدُ أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ، سُبْحانَکَ یَا سَیِّدُ، تَعالَیْتَ یَا صَمَدُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ ۔ سُبْحانَکَ یَا قَدِیرُ، تَعالَیْتَ یَا کَبِیرُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ ۔ سُبْحانَکَ یَا وَالِی، تَعالَیْتَ یَا عَالِی، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ۔ سُبْحانَکَ یَا عَلِیُّ،تَعالَیْتَ یَا أَعْلیٰ، أَجِرْنامِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ۔ سُبْحانَکَ یَا وَ لِیُّ، تَعالَیْتَ یَا مَوْلیٰ،أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ ۔ سُبْحانَکَ یَا ذارِیَُ، تَعالَیْتَ یَا بَارِیَُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ سُبْحانَکَ یَا خَافِضُ، تَعالَیْتَ یَا رَافِعُ،أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ سُبْحانَکَ یَا مُقْسِطُ، تَعالَیْتَ یَا جَامِعُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ، سُبْحانَکَ یَا مُعِزُّ، تَعالَیْتَ یَا مُذِلُّ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ ۔ سُبْحانَکَ یَا حَافِظُ،تَعالَیْتَ یَا حَفِیظُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ ۔ سُبْحانَکَ یَا قادِرُ، تَعالَیْتَ یَا مُقْتَدِرُ،أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ سُبْحانَکَ یَا عَلِیمُ، تَعالَیْتَ یَا حَلِیمُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یا مُجِیرُ۔سُبْحانَکَ یَا حَکَمُ، تَعالَیْتَ یَا حَکِیمُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ ۔ سُبْحانَکَ یَا مُعْطِی،تَعالَیْتَ یَا مانِعُ، أَجِرْنا مِنَ  النَّارِ یَا مُجِیر سُبْحانَکَ یَا ضَارُّ، تَعالَیْتَ یَا نَافِعُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ سُبْحانَکَ یَامُجِیبُ،تَعالَیْتَ یَا حَسِیبُ،أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ۔ سُبْحانَکَ یَا عادِلُ، تَعالَیْتَ یَا فاصِلُ،أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ ۔ سُبْحانَکَ یَا لَطِیفُ، تَعالَیْتَ یَا شَرِیفُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ سُبْحانَکَ یَا رَبُّ، تَعالَیْتَ یَا حَقُّ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ، سُبْحانَکَ یَا مَاجِدُ،تَعالَیْتَ  یَا وَاحِدُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ ۔ سُبْحانَکَ یَا عَفُوُّ ۔ تَعالَیْتَ یَا مُنْتَقِمُ،أَجِرْنا مِنَ النَّارِ  یَا مُجِیرُ سُبْحانَکَ یَا واسِعُ تَعالَیْتَ یَا مُوَسِّعُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ، سُبْحانَکَ یَارَؤُوفُ، تَعالَیْتَ یَا عَطُوفُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ سُبْحانَکَ یَا فَرْدُ تَعالَیْتَ یَا وِتْرُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ ۔ سُبْحانَکَ یَا مُقِیتُ تَعالَیْتَ یَا مُحِیطُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ سُبْحانَکَ یَا وَکِیلُ، تَعالَیْتَ یَا عَدْلُ،أَجِرْنا مِنَ النّارِ یَا مُجِیرُ ۔ سُبْحانَکَ یَا مُبِینُ، تَعالَیْتَ یَا مَتِینُ،أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ ۔سُبْحانَکَ یَا بَرُّ، تَعالَیْتَ یَا وَدُودُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ،سُبْحانَکَ یَا رَشِیدُ،تَعالَیْتَ یَا مُرْشِدُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یا مُجِیرُ، سُبْحانَکَ یَا نُورُ، تَعالَیْتَ یَا مُنَوِّرُ،أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ سُبْحانَکَ یَا نَصِیرُ، تَعالَیْتَ یَا نَاصِرُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَامُجِیرُ سُبْحانَکَ یَا صَبُورُ، تَعالَیْتَ یَا صَابِرُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ ۔سُبْحانَکَ یَا مُحْصِی،تَعالَیْتَ یَا مُنْشِی، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ ۔ سُبْحَانَکَ یَا سُبْحَانُ، تَعالَیْتَ یَا دَیَّانُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ سُبْحانَکَ یَا مُغِیثُ، تَعالَیْتَ یَا غِیاثُ، أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ سُبْحانَکَ یَا فَاطِرُ، تَعالَیْتَ یَا حَاضِرُ،أَجِرْنا مِنَ النَّارِ یَا مُجِیرُ سُبْحانَکَ یَا ذَا الْعِزِّ وَالْجَمَالِ تَبارَکْتَ یَا ذَا الْجَبَرُوتِ وَالْجَلاَلِ سُبْحانَکَ لاَ إِلہَ إِلاَّ أَ نْتَ، سُبْحانَکَ إِنِّی کُنْتُ مِنَ الظَّالِمِینَ فَاسْتَجَبْنالَہُ وَنَجَّیْناھُ مِنَ الْغَمِّ وَکَذلِکَ نُنْجِی الْمُؤْمِنِینَ، وَصَلَّی اللهُ عَلی سَیِّدِنا مُحَمَّدٍ وَآلِہِ أَجْمَعِینَ وَالْحَمْدُ لِلّٰہِ رَبِّ الْعالَمِینَ وَحَسْبُنا اللهُ وَنِعْمَ الْوَکِیلُ،وَلاَ حَوْلَ وَلاَ قُوَّةَ إِلاَّ بِاللهِ الْعَلِیِّ الْعَظِیمِ

दुआओं के सहीफ़े 

सहीफ़ा हज़रत मोहम्मद (स:अ:व:व) सहीफ़ा कामेला  सहीफ़ा अलविया 
सहीफ़ा ज़हरा (स:अ) सहीफ़ा ईमाम मेहदी (अ:त:फ़) ईमाम मेहदी (अ:त:फ़)  की दुआएँ 
सहीफ़ा ईमाम हसन अस्करी (अ:स)  सहीफ़ा ईमाम अली नक़ी (अ:स)  

इस लिस्ट में हमेशा नई-नई दुआएँ आती रहती हैं, आप यहाँ मेहरबानी करके आते रहे और दूसरों को भी बतायें 

 

मुहर्रम 

सफ़र 

रबी'उल अव्वल  रजब 

शाबान 

रमज़ान  ज़िल्काद  ज़िल्हज्ज 
क़ुरान करीम  क़ुरानी दुआएँ  दुआएँ  ज्यारतें 
अहलेबैत (अ:स) कौन हैं? सहीफ़ा-ए-मासूमीन (अ:स) नमाज़ मासूमीन (अ:स) और दूसरी अहम् नमाज़ें  हज़रत ईमाम मेहदी (अ:त:फ़)
ईस्लामी क़ानून और फ़िक्ह  लाईब्रेरी  उल्मा-ए-दीन  इस्लामी महीने और ख़ास तारीख़ें

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