﴾सुरह आले ईमरान की 5 आयतें﴿

सुरह आले ईमरान की 5 आयतें यह हैं : 

बिस्मिल्लाह हिर रहमान अर'रहीम 

बेशक आसमानों और ज़मीन की पैदाइश में और रात दिन के आने जाने में साहिबान 

अक़ल के लिए निशानियाँ हैं जो खुदा को याद किया करते हैं, खड़े बैठे और लेते हुए भी, वोह आसमानों और ज़मीन की पैदाइश में गौर करते हैं (कहते 

हैं) ऐ हमारे रब तूने इनको बे मक़सद पैदा नहीं किया तेरी ज़ात पाक है पास हमें जहन्नुम के अज़ाब से बचा, हमारे रब जिसे तू जहन्नुम 

में दाखिल करेगा इसे रुसवा करेगा और ज़ालिमों का कोई मददगार भी नहीं है, हमारे रब हमने ईमान की मुनादी करने वाले की आवाज़ सुनी है 

की अपने रब पर ईमान लाओ तो हम ले आये पास हमारे रब तू हमारे गुनाह बख्श दे हमारी बुराइयों को मिटा दे और हमें नेक लोगों जैसी मौत दे 

हमारे रब हमें वोह चीज़ दे जिसका तूने रसूलों के ज़रिये वादा किया और हमें क़यामत में रुसवा न करना बेशक तू वादे के ख़िलाफ़ नहीं करता

इन्ना फ़ी ख़लक-अल्स'समावाते व अल'अर्ज़ व अख्तलाफ़ अल'लैल व अल्न'नहार 

ला'आयातेल उलिल'अल्बाब अल'लज़ीना यज़'कोरुना अल्लाह क़्यामन व क़'उदन व अला फ़ी जोनूब्हीम व यता'फ़क-करुना 

ख़लक अल'समावाते वाल अर्ज़, रब'बना माँ खलक़'ता हाज़ा बातेलन सुब'हानाका फ़ा'क़ेना अज़ाबन नार रब'बना 

इन्नका मन तुद'ख़िल अल्न'नार फ़'क़द अख़'ज़ै-तहू व मा लील्ज़-ज़ालेमीना मिन अन्सारे रब्बना इन'नना समे'अना मुना'दियन यूनादी  लील'इमाने अन' 'अमेनु बे रब्बाकुम फ़ा'अमन्ना रब्बाना फ़ा'अग्फ़िर-लना ज़ोनू'बना व कफ़्फ़र अन्ना सैय्यातेना व तवफ़'ना मा-अल'अबरार 

रब्बाना व आतेना मा व ला तुख़'ज़ेना यौमा व आद''ताना अल रोसोलेका मा'अल क़ियामते इन्नका ला तुख़'लेफ़ो अल'मी'यादा     

إِنَّ فِی خَلْقِ السَّمٰوَاتِ وَالْاَرْضِ وَاخْتِلاف اللَّیْلِ وَالنَّہار

لَاَیَاتٍ لِاُولِی الْاَلْبَابِ الَّذِینَ یَذْکُرُونَ اللهَ قِیاماً وَقُعُوداً وَعَلی فِی جُنُوبِھِمْ وَیَتَفَکَّرُونَ

خَلْقِ السَّمٰوَاتِ وَالْاَرْضِ رَبَّنا مَا خَلَقْتَ ھَذا باطِلاً سُبْحانَکَ فَقِنا عَذَابَ النَّارِ رَبَّنا

إِنَّکَ مَنْ تُدْخِلِ النَّارَ فَقَدْ أَخْزَیْتَہُ وَمَا لِلظَّالِمِینَ مِنْ أَنْصارٍ رَبَّنا إِنَّنا سَمِعْنامُنادِیاً یُنادِی 

لِلْاِیمانِ أَنْ آمِنُوا بِرَبِّکُمْ فَآمَنَّا رَبَّنا فَاغْفِرْ لَنا ذُنُوبَنا وَکَفِّرْ عَنَّا سَیِّئَاتِنا وَتَوَفَّنامَعَ الْاَبْرَارِ

 رَبَّنا وَآتِنا مَا وَلاَ تُخْزِنا یَوْمَ وَعَدْتَنا عَلَی رُسُلِکَ مالْقِیامَةِ اِنَّکَ لاَ تُخْلِفُ الْمِیْعَادَ

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