सैय्यदा फ़ातिमा की दुआ - सनीचर के दिन के लिए﴿

 

शुरू करता हूँ अल्लाह के नाम से जो बड़ा मेहरबान और निहायत रहम वाला है 

बिस्मिल्लाह अर'रहमान अर'रहीम 

بِسْمِ اللهِ الرَحْمنِ الرَحیمْ

अल्लाहूम्मा सल्ले अला मोहम्मदीन  आले मोहम्मद.

   

اَللَّهُمَّ صَلِّ عَلَىٰ مُحَمَّدٍ وَآلِ مُحَمَّدٍ

اَللّٰہُمَّ افْتَحْ لَنَا خَزَائِنَ رَحْمَتِکَ، وَ ہَبْ لَنَا

اللَّہُمَّ رَحْمَۃً لاَ تُعَذِّبُنَا بَعْدَہَا فِی الدُّنْیَا وَ الْاَخِرَۃِ، وَ ارْزُقْنَا مِنْ فَضِلِکَ الْواسِعِ رِزْقًا حَلاَلاً طَیِّبًا، وَلاَ تُحْوِجْنَا وَلاَ تُفْقِرْنَا اِلٰی اََحَدٍ سِوَاکَ،

 وَ زِدْنَا لَکَ شُکْرًا، وَ اِلَیْکَ فَقْرًا وَفَاقَۃً، وَبِکَ عَمَّنْ سِوَاکَ غِنًا وَ تَعَفُّفًا.

 اَللّٰہُمَّ وَسِّعْ عَلَیْنَا فِی الدُّنْیَا، اَللّٰہُمَّ اِنَّا نَعُوذُ بِکَ اَنْ تَزْوِیَ وَجْہَکَ عَنَّا فی حَالٍ، وَ نَحْنُ نَزْغَبُ اِلَیْکَ فِیْہِ.

 اَللّٰہُمَّ صَلِّ عَلٰی مُحَمَّدٍ وَآلِ مُحَمَّدٍ، وَ اَعْطِنَا مَا تُحِبُّ، وَاجْعَلْہُ لَنَا قُوَّۃً فِیمَا تُحِبُّ، یَا اَرْحَمَ الرَّاحِمیْنَ.

अल्ला हुम्मा सल्ले अला मुहम्मद व आले मुहम्मद

 

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