दुआए कुमैल - ईमाम अली (अ:स) द्वारा सिखाई हुई

दुआए कुमैल की जानकार  

कुमैल इब्ने ज़ियाद नाखे, अमीरुल मुमेनीन इमाम अली (अस) इब्ने अबी तालिब के एक विश्वासपात्र सहाबियों में से थे! यह दुआ पहली बार उन्हों ने हजरत अली (अस) से उनकी खूबसूरत मगर गिदगिड़ाती हुई आवाज़ में सूना था! अल्लामा मजलिसी के अनुसार जनाब कुमैल ने 15 शाबान को बसरा की एक मस्जिद की  सभा में यह सुना था! हज़रात अली (अस) ने कहा था की जो भी इस रात में जागे और इस दुआए खिज्र को पढेगा उसकी दुआ ज़रूर कबूल होगी! जब मस्जिद की सभा समाप्त हो गयी और लोग अपने घरों को चले गए तो जनाबे कुमैल हजरत अली (अस) के घर गए  और उन से अनुरोध किया के वोह दुआए खिज्र को ज्यादा समझना चाहते हैं! इमाम अली (अस) ने कुमैल को बैठने के लिए कहा और दुआ पढ़ कर उन्हें याद करने को कहा!

तब इमाम अली (अस) ने कुमैल को सलाह दी की इस दुआ को हर जुमा के पहले वाली रात (शबे जुमा) को, या महीने में एक बार, या साल में एक बार या ज़िंदगी में एक बार पढो ताकी अल्लाह तुम्हे बुराईओं और तुम्हारे दुश्मनों से तुम्हे बचाए! हजरत अली (अस) ने कहा के मै यह दुआ , तुम्हारी समझदारी और दोस्ती की वजह से तुम्हे देता हूँ! तभी से यह दुआ "दुआए कुमैल" के नाम से जानी जाती है!

 

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ज़्यारत - हज़रत कुमैल नय हज़रत कुमैल कौन थे? नया हज़रत अली इब्न अबी तालिब (अ:स)

बिस्मिल लाहिर रहमानिर रहीम

अल्लाहोम्मा  सल्ले   अला  मोहम्मदीन  व  आले  मोहम्मद

अल्लाह मै तुझ से इल्तेजा करता हूँ, तुझे तेरी उस रहमत का वास्ता जो हर चीज़ को घेरे हुए है, तेरी उस कुदरत का वास्ता जिस से तू हर चीज़ पर ग़ालिब है, जिस के सबब हर चीज़ तेरे आगे झुकी है और जिस के सामने हर चीज़ आजिज़ है, तेरी इस जब्र्रुत  का वास्ता जिस से तू हर चीज़ पर हावी है, तेरी इस इज्ज़त का वास्ता जिस के आगे कोई चीज़  ठहर नहीं पाती, तेरी उस अजमत का वास्ता जो हर चीज़  से नुमाया है, तेरी उस सल्तनत का वास्ता जो हर चीज़  पर  कायेम है, तेरी उस ज़ात का वास्ता जो हर चीज़ के फ़ना हो जाने के बाद भी बाकी रहेगीतेरे उन नामो का वासता जिन के असरात ज़र्रे ज़र्रे में तारी   सारी हैंतेरे उस इल्म का वास्ता जो हर चीज़ का अहाता किये हुए हैं, तेरी ज़ात के उस नूर का  वास्ता जिस से हर चीज़ रोशन है!

             हकीकी नूर! पाक पाकीज़ा! सब पहलों से पहले, सब पिछलो से पिछले ( अल्लाह मेरे सब गुनाह माफ़ कर दे जो अताब का मुस्तहक बनाते हैं! अल्लाह! मेरे वोह सब गुनाह माफ़ कर दे जिन की वजह से बालाएं आती हैं! अल्लाह मेरे वोह सब गुनाह माफ़ कर दे जो तेरी नेमतों से महरूमी का सबब बनते हैं! अल्लाह, मेरे वोह सब गुनाह बख्श दे जो दुआएं कबूल नहीं होने देते अल्लाह, मेरे वोह सब गुनाह माफ़ कर दे जो मुसीबत लाते हैं! ऐ अल्लाह, मेरी इन सारी खाताओं से दर गुज़र कर जो मैंने जान बूझ कर या भूले से की हैं! अल्लाह, मैं तुझे याद करके तेरे करीब आना चाहता हूँ! तेरी जनाब में तुझी को अपना सिफारशी ठहराता हूँ, और तेरे करम का वास्ता दे कर तुझ से इल्तेजा करता हूँ के मुझे अपना कुर्ब अता कर) मुझे अदाए शुक्र की तौफीक दे और अपनी याद मेरे दिल में डाल दे!

            अल्लाह, मैं तुझ से खोज़ू खुशू और गिरया ज़ारी से अर्ज़ करता हूँ के तू मेरी भूल चूक माफ़ कर, मुझ पर रहम फार्म और तू में मेरा जो हिस्सा मुक़र्रर किया है, मुझे इस पर राज़ी, काने और हर हाल में मुतमईन रख! अल्लाह, मै तेरे हजूर में इस शख्स की मानिंद सवाल करता हूँ जिस पर सख्त फाके गुज़र रहे हों, जो मुसीबतों से तंग आकर अपनी ज़रुरत तेरे सामने पेश करे, जो तेरे लुत्फो करम का ज्यादा से ज्यादा खाहिश्मंद हो! अल्लाह, तेरी सल्तनत बहुत बड़ी है, तेरा रुतबा बहुत बुलंद है, तेरी तदबीर पोशीदा है, तेरा हुकुम साफ़ ज़ाहिर है, तेरा कहर ग़ालिब है, तेरी कुदरत कार फरमा है, और तेरी हुकूमत से निकल जाना मुमकिन नहीं है! अल्लाह, मेरे गुनाह बख्शने, मेरे ऐब ढाँकने और मेरे किसी बुरे अमल को अच्छे अमल से बदलने वाला तेरे सिवा कोई नहीं है! तेरे इलावा और कोई माबूद नहीं है! तू पाक है, और मै तेरी ही हम्दोसेना  करता हूँ!

         मैं  ने अपनी ज़ात पर ज़ुल्म किया और अपनी नादानी के बाएस बेग़ैरत बन गया! मै यह सोच कर मुतमईन हो गया के तू ने मुझे पहले भी याद रखा और अपनी नेमतों से नवाज़ा है!   अल्लाह,   मेरे मालिक, तू ने मेरी कितनी ही बुराईयों की परदापोशी की, कितनी ही सख्त बालाओं को मुझ से टाला, कितनी ही नाज़िशों से मुझ को बचाया, कितनी ही आफतों को रोका! और मेरी कितनी ही ऐसी खूबियाँ लोगो में मशहूर कर दीं जिन का मै अहल भी ना था अल्लाह, मेरी मुसीबत बढ़ गयी है, मेरी बदहाली हद से गुज़र गयी है, मेरे नेक अमाल कम हैं, दुनयावी तालुक्कात के बोझ ने मुझ को दबा रखा है, मेरी उम्मीदों की दराजी ने मुझे नफा से महरूम कर रखा है, दुनिया ने अपनी झूटी चमक दमक से मझे धोका दिया है, और मेरे नफस ने मझे मेरे गुनाहों और मेरी टाल मटोल के बाअस  फरेब दिया है! मेरे आका अब मै तेरी इज्ज़त का वास्ता दे कर तुझ से इल्तेजा करता हूँ के मेरी बदअमालियाँ और ग़लतकारियां मेरी दुआ के कबूल होने में रुकावट ना बने!

           मेरे जिन भेदों से तू वाकिफ है इन की वजह से मुझे रुसवा ना करना, मै ने अपनी तन्हाईयों में जो बदी, बुराई और मुसलसल कोताही की है और नादानी, बढ़ी हुई खाहिशाते नफस और गफलत के सबब जो काम किये हैं मुझे उनकी सजा देने में जल्दी ना करना! अल्लाह, अपनी इज्ज़त के तुफैल हर हाल में मुझ पर मेहरबान रहना, और मेरे तमाम मामलात में मुझ पर करम करते रहना! मेरे अल्लाह, मेरे परवरदिगार, तेरे सिवा मेरा कौन है जिस से मै अपनी मुसीबत को दूर करने और अपने बारे में नज़रे करम करने का सवाल करूँ! मेरे माबूद और मेरे मालिक, मै ने खुद अपने खिलाफ फैसला दे दिया क्योंके मै हवाए नफस के पीछे चलता रहा और मेरे दुश्मन ने जो मुझे सुनहरे खाव्ब दिखाए मै ने इन से अपना बचाओ नहीं किया, चुनान्चेह इस ने मुझे खाहिशात के जाल में फंसा दिया, इस में मेरी तकदीर ने भी इस की मदद की! इस तरह मै ने तेरी मुक़र्रर की हुई बाज़ हदें तोड़ दीं और तेरे बाज़ अहकाम की नाफ़रमानी की!

        बहरहाल तू हर तारीफ़ का मुस्तहक है और जो कुछ पेश आया इस में खता मेरी ही है! इस बारे में तुने जो फैसला किया, तेरा जो हुक्म जारी हुआ और तेरी तरफ से मेरी जो आजमाईश हुई इस के खिलाफ मेरे पास कोई उज्र नहीं है! मेरे माबूद, मै ने अपनी इस कोताही और अपने नफस पर ज़ुल्म के बाद माफ़ी मांगने के लिए हाज़िर हुआ हूँ! मै अपने किये पर शर्मसार हूँ, दिल शिकस्ता हूँ, मै अपने करतूतों से बाज़ आया, बक्शीश का तलबगार हूँ, पशेमानी के साथ तेरी जनाब में हाज़िर हूँ, जो कुछ मुझ से सरज़द हो चूका, उस के बाद मेरे लिए ना कोई भागने की जगह है और ना कोई ऐसा मददगार जिस के पास मै अपना मामला ले जाऊं! सिर्फ यही है के तू मेरी माज़रत कबूल कर ले, मुझे अपने दामने रहमत में जगह देदे! मेरे माबूद, मेरी माफ़ी की दरखास्त मंज़ूर कर ले, मेरी सख्त बदहाली पर रहम कर और मेरी गिरह कुशाई फर्मा दे! मेरे परवरदिगार, मेरे जिस्म की नातवानी, मेरी जिल्द की कमजोरी और मेरी हड्डियों की नाताक़ती पर रहम कर 

                वोह ज़ात जिस ने मुझे वजूद बख्शा, मेरा ख्याल रखा, मेरी परवरिश का सामान किया, मेरे हक में बेहतर की और मेरे लिए ग़ज़ा के असबाब फराहम किये! बस जिस तरह तू ने इस से पहले मुझ पर करम किया और मेरे लिए बेहतरी के सामन किये, अब भी मुझ पर वो पहला सा फज़ल करम जारी रख! मेरे माबूद, मेरे मालिक, मेरे परवरदिगार, मै हैरान हूँ के क्या तू मुझे अपनी आतिशे जहन्नम का अज़ाब देगा हालांकि मै तेरी तौहीद का इकरार करता हूँ, मेरा दिल तेरी मार्फ़त से सरशार है, मेरी ज़बान पर तेरा ज़िक्र जारी है, मेरे दिल में तेरी मुहब्बत बस चुकी है और मै तुझे अपना परवरदिगार मान कर सच्चे दिल से अपने गुनाहों का एतेराफ करता हूँ, और गिडगिडा कर तुझ से दुआ मांगता हूँ! नहीं ऐसा नहीं हो सकता, क्योंकि तेरा करम इस से कहीं बढ़ कर है के तू इस शख्स को बेसहारा छोड़ दे जिसे तुने खुद पाला हो या उसे अपने से दूर कर दे जिसे तू ने खुद  अपना कुर्ब बख्शा हो या उसे अपने यहाँ से निकाल दे जिसे तुने खुद पनाह दी हो, या उसे बालाओं के हवाले कर दे जिस का तुने खुद ज़िम्मा लिया हो और जिस पर रहम किया हो, यह बात मेरी समझ में नहीं आती! 

              मेरे मालिक, मेरे माबूद, मेरे मौला, क्या तू आतिशे जहन्नम को मुसल्लत कर देगा इन चेहरों पर जो तेरी अजमत के बायेस तेरे हजूर में सज्दारेज़ हो चुके हैं, इन ज़बानों पर जो सिद्क़ दिल से तेरी तौहीद का इकरार करके शुक्रगुजारी के साथ तेरी मधा कर चुकी हैं, इन दिलों पर जो वाकई तेरे माबूद होने का ऐतेराफ कर चुके हैं, इन दिमागों पर जो तेरे इल्म से इस कद्र बहरावर हुए के तेरे हुज़ूर में झुके हुए हैं या इन हाथ पाँव पर जो इताअत के जज्बे के साथ तेरी इबादतगाहों की तरफ दौड़ते रहे और गुनाहों के इकरार करके मग्फेरत  तलब करते रहे?   रब्बे  करीमना तो तेरी निस्बत ऐसा गुमान ही   किया जा सकता है और ना ही तेरी तरफ से हमें ऐसी कोई खबर दी गयी है! मेरे पालने वाले तू मेरी कमजोरी से वाकिफ है, मुझ में इस दुनिया की मामूली आज्मायीशों, छोटी छोटी तकलीफों और इन सख्तियों को बर्दाश्त करने की ताब नहीं जो अहले दुनिया पर गुज़रती हैं हालांकि वोह आजमाईश, तकलीफ और सख्ती मामूली होती है और इस की मुद्द्त  भी थोड़ी होती है, फिर भला मुझ से आखेरत की ज़बरदस्त मुसीबत क्योंकर बर्दाश्त हो सकेगी, जब की वहां की मुसीबत तूलानी होगी और इस में हमेशा हमेशा के लिए रहना होगा और जो लोग इस में एक मर्तबा फँस जायेंगे इन के अज़ाब में कभी कमी नहीं होगी क्योंकि वो अज़ाब तेरे गुस्से, इंतकाम और नाराजगी के सबब होगा जिसे ना आसमान बर्दाश्त कर सकता है ना ज़मीन! मेरे मालिक, फिर ऐसी सूरत में मेरा क्या हाल होगा जबकि मै तेरा एक कमज़ोर, अदना, लाचार, और आजिज़ बंदा हूँ ! मेरे माबूद, मेरे परवरदिगार, मेरे मालिक, मेरे मौला, मै तुझ से किस किस बात पर नाला फरयाद और आहोबुका करूँ? दर्दनाक अज़ाब और इसकी सख्ती पर या मुसीबत और इस की तवील मीयाद पर! बस अगर तू ने मुझे अपने दुश्मनों के साथ अज़ाब में झोंक दिया और मुझे इन लोगों में शामिल कर दिया जो तेरी बालाओं के सज़ावार हैं और अपने अहिब्बा और औलिया के और मेरे दरम्यान जुदाई डाल दी तो मेरे माबूद, मेरे मालिक, मेरे मौला, मेरे परवरदिगार, मै तेरे दिया हुए अज़ाब पर अगर सब्र भी कर लूं तो तेरी रहमत से जुदाई पर क्योंकर सब्र कर सकूंगा? इस तरह अगर मै तेरे आग की तपिश बर्दाश्त भी कर लूं तो तेरी नज़रे करम से अपनी महरूमी को कैसे बर्दाश्त कर सकूंगा और इस के इलावा मै आतिशे जहन्नुम में क्योंकर रह सकूंगा जबके मुझे तो तुझ से माफ़ी की तवक्का है. बस मेरे आका, मेरे मौला, मै तेरी इज्ज़त की सच्ची क़सम खा कर कहता हूँ के अगर तू ने वहां मेरी गोयाई सलामत रखी तो मै अहले जहन्नम के दरम्यान तेरा नाम लेकर तुझे  इस तरह पुकारूँगा जैसे करम के उम्मेदवार पुकारा करते हैं,  मै तेरे हुज़ूर में इस तरह आहोबुका करूंगा जैसे फरयाद किया करते हैं और तेरी रहमत के फ़िराक में इस तरह रोवूँगा जैसे बिछुड़ने वाले रोया करते हैं! मैं तुझे वहां बराबर पुकारूंगा के तू कहाँ है मोमिनो के मालिक, आरिफों की उम्मीदगाह, फर्यादीयों  के फरयादरस, सादिकों के दिलों के महबूब,   इलाहिल आलमीन,  तेरी ज़ात पाक है, मेरे माबूद, मै तेरी हम्द करता हूँ! 

                    मैं  हैरान हूँ की यह क्योंकर होगा की तू इस आग में से एक मुस्लिम की आवाज़ सुने जो अपनी नाफ़रमानी की पादाश में इस के अंदर क़ैद कर दिया गया हो, अपनी मुसीबत की सजा में इस अज़ाब में गिरफ्तार हो और जुर्मो खता के बदले में जहन्नुम के तबकात में बंद कर दिया गया हो मगर वोह तेरी रहमत के उम्मीदवार  की तरह तेरे हुज़ूर में फरयाद करता हो, तेरी तौहीद को मानने वालों की सी जुबान से तुझे पुकारता हो और तेरी जनाब में तेरी रबूबियत का वास्ता देता हो! मेरे मालिक, फिर वो इस अज़ाब में कैसे रह सकेगा जबके इसे तेरी गुज़िश्ता राफ्त रहमत की आस बंधी होगी या आतिशे जहन्नम उसे कैसे तकलीफ पहुंचा सकेगा जबके उसे तेरी फज़ल और तेरी रहमत का आसरा होगा या इस को जहन्नम का शोला कैसे जला सकेगा जबकि तू खुद इस की आवाज़ सुन रहा होगा और जहाँ वो है तू इस जगह को देख रहा होगा या जहन्नुम का शोर उसे क्योंकर परेशान कर सकेगा, जबकि तू इस बन्दे की कमजोरी से वाकिफ होगा या फिर वो जहन्नुम के तबकात में क्योंकर तड़पता रहेगा जबकि तू इस की सच्चाई से वाकिफ होगा या जहन्नुम की लपटें इस को क्योंकर परेशान कर सकेंगी जबकि वो तुझे पुकार रहा होगा! मेरे परवरदिगार, ऐसे क्योंकर मुमकिन है के तू वो तो जहन्नुम के निजात के लिए तेरे फज्लो करम की आस लगाये हुए हो और तू उसे जहन्नुम ही में पड़ा रहने दे! नहीं, तेरी निस्बत ऐसा गुमान नहीं किया जा सकता, ना तेरे फज़ल से पहले कभी ऐसी सूरत पेश आयी और ना ही यह बात इस लुत्फो करम के साथ मेल खाती है जो तू तौहीद परस्तों के साथ रवा रखता रहा है, इस लिए मै पुरे यकीन के साथ कहता हूँ के अगर तुने अपने मुन्कीरों  को अज़ाब देने का हुक्म ना दे दिया होता और इनको हमेशा जहन्नुम में रखने का फैसला ना कर लिया होता तो तू ज़रूर आतिशे जहन्नुम को ऐसा सर्द कर देता के वो आरामदेह बन जाती और फिर किसी भी शख्स का ठिकाना जहन्नुम ना होता लेकिन खुद तू ने अपने पाक नामो की क़सम खाई है के तू  तमाम काफिर जिन्नों और इंसान से जहन्नुम भर देगा और अपने दुश्मनों को हमेशा के लिए इसमें रखेगा! तू जो बहुत ज्यादा तारीफ के लायेक है और अपने बन्दों पर एहसान करते हुए अपनी किताब में पहले ही फरमा चुका है : "क्या मोमिन, फ़ासिक़ के बराबर हो सकता है? नहीं, यह कभी बाहम बराबर नहीं हो सकते"! मेरे माबूद, मेरे मालिक, मै तेरी इस कुदरत का जिस से तुने मौजूदात की तकदीर बनाई, तेरे इस हतमी फैसले का जो तू ने सादिर किये हैं और जिन पर तू ने इन को नाफ़िज़ किया है इन पर तुझे काबू हासिल है! वास्ता देकर तुझ से इल्तेजा करता हूँ के हर वो जुर्म जिस का मै मुर्तकिब हुआ हूँ और हर वो गुनाह जो मैंने किया हो, हर वो बुराई जो मैंने छुपा कर की हो और हर वो नादानी जो मुझ से सरज़द हुई हो, चाहे मैंने उसे छुपाया हो या ज़ाहिर किया हो, पोशीदा रखा हो या अफशा किया हो इस रात 1 और ख़ास कर इस साअत में बख्श दे. मेरी हर ऐसी बदअमली को   माफ़ करदे जिस को लिखने का हुक्म तुने किरामन कातेबीन को दिया हो, जिन को तुने मेरे हर अमल की निगरानी पर मामूर किया है और जिन को मेरे अजा जवारेह के साथ साथ मेरे अमाल का गवाह मुक़र्रर किया  है, फिर इन से बढ़ कर तू खुद मेरे अमाल के निगरान रहा है और इन बातों को भी जानता है जो इन की नज़र से मख्फी रह गयीं और जिन्हें तुने अपनी रहमत से छुपा लिया और जिन पर तुने अपने करम से पर्दा डाल दिया! अल्लाह, मै तुझ से इल्तेजा करता हूँ के मुझे ज्यादा से ज्यादा हिस्सा दे हर इस भलाई से जो तेरी तरफ से नाज़िल हो, हर उस एहसान से जो तू अपने फज़ल से करे, हर उस नेकी से जिसे तू फैलाये, हर उस रिजक से जिस में तू वुसअत दे, हर उस गुनाह से जिसे तू माफ़ करदे, हर उस ग़लती से जिसे तू छुपा ले! मेरे परवरदिगार, मेरे परवरदिगार, मेरे परवरदिगार, मेरे माबूद, मेरे आका, मेरे मौला, मेरे जिस्मो जान के मालिक, वो ज़ात जिसे मुझ पर काबू हासिल है, मेरी बदहाली और बेचारगी को जान्ने वाले, मेरे फिकरो फाका से आगही रखने वाले, मेरे परवरदिगार, ऐ मेरे परवरदिगार, मेरे परवरदिगार,  मै तुझे तेरी सच्चाई और तेरी पाकीजगी, तेरी आला सेफात और तेरे मुबारक नामो का वासता देकर  तुझ से इल्तेजा करता हूँ के मेरे दिन रात के औकात को अपनी याद से मामूर कर दे के हर लम्हा तेरी फरमाबरदारी में बसर हो, मेरे अमाल को कबूल फर्मा , यहाँ तक के मेरे सारे आमाल और अज्कार की एक ही लए हो जाए और मुझे तेरी फरमाबरदारी करने में दवाम हासिल हो जाए! मेरे आका, वो ज़ात जिस का मुझे आसरा है और जिस की सरकार में, मै अपनी हर उलझन पेश करता हूँ! मेरे परवरदिगार, मेरे परवरदिगार मेरे परवरदिगारमेरे हाथ पाँव में अपनी इताअत के लिए कुवत दे, मेरे दिल को नेक इरादों पर कायेम रहने की ताक़त बख्श, और मुझे तौफीक दे के मै तुझ से करार, वाकई डरता रहूँ और हमेशा तेरी इताअत में सरगर्म रहूँ ताकि मै तेरी तरफ सबक़त करने वालों के साथ चलता रहूँ, तेरी सिम्त बढ़ने वालों के हमराह तेज़ी से क़दम बढाऊँ, तेरी मुलाक़ात का शौक़ रखने वालो की तरह तेरा मुश्ताक रहूँ,  तेरे मुखलिस बन्दों की तरह तुझ से नज़दीक हो जाऊं, तुझ पर यकीन रखने वालों की तरह तुझ से डरता रहूँ, और तेरे हुज़ूर में जब मोमिन जमा हों मै उन के साथ रहूँ! अल्लाह, जो शख्स मुझ से कोई बदी करने का इरादा करे, तू उसे वैसी ही सज़ा दे और जो मुझ से फरेब करे तू उस को वैसी ही पादाश दे! मुझे अपने उन बन्दों में करार दे जो तेरे यहाँ से सबसे अच्छा हिस्सा पाते हैं जिन्हें तेरी जनाब में सबसे ज्यादा तक़र्रुब हासिल है और जो ख़ास तौर से तुझ से ज्यादा नज़दीक हैं क्योंकि यह रूतबा तेरे फज़ल के बग़ैर नहीं मिल सकता! मुझ पर अपना ख़ास करम कर और अपनी शान के मुताबिक मेहरबानी फर्मा ! अपनी रहमत से मेरी हिफाज़त कर, मेरी ज़बान को अपने ज़िक्र में मशगूल  रख, मेरे दिल को अपनी मुहब्बत की चाशनी अता कर, मेरी दुआएं कबूल करके मुझ पर एहसान कर, मेरी खताएं माफ़ करदे और मेरी नाज़िशें बख्श दे! चूंके तुने अपने बन्दों पर अपनी इबादत वाजिब की है, इन्हें दुआ मांगने का हुक्म दिया है और इनकी दुआएं कबूल करने की ज़िम्मेदारी ली है, इसलिए परवरदिगार, मै ने तेरी ही तरफ रुख किया है और तेरे ही सामने अपना हाथ फैलाया है! बस अपनी इज्ज़त के सदके में मेरी दुआ कबूल फरमा और मुझे मेरी मुराद को पहुंचा! मुझे अपने फजल  करम से मायूस ना कर, और जिन्नों और इंसानों  में से जो भी मेरे दुश्मन हों मुझ को इन के शर से बचा अपने बन्दों से जल्दी राज़ी हो जाने वाले, इस बन्दे को बख्श दे जिस के पास दुआ के सिवा कुछ नहीं, क्योंकि तू जो चाहे कर सकता है, तू ऐसा है जिस का नाम हर मर्ज़ की दवा है, जिस का ज़िक्र हर बीमारी से शिफा है, और जिस की इताअत सबे बेनेयाज़ कर देने वाली है, इस पर रहम कर जिस की पूंजी तेरा आसरा और जिस का हथियार रोना है! नेमतें अता करने वाले, बलाएँ टालने वाले, अंधेरों से घबराये हुओं के लिए रोशनी, वो आलिम जिसे किसी ने तालीम नहीं दी, मुहम्मद (सा) और आले मुहम्मद (सा) पर दरूद  सलाम भेज और मेरे साथ वो सुलूक कर जो तेरे शायाने शान हो!

1 शाबान उल मु:अज्ज़म

अल्लाहोम्मा सल्ले अला मोहम्मदीन व आले मोहम्मद

 

بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَنِ الرَّحِيم

अरबी क़ो हिंदी में पढ़ें (ट्रांसलिटरेशन)

बिस्मिल्ला हीर रहमा नीर रहीम

अल्ला-हुम्मा इन्नी अस'अलोका बे-रहमते'कल्लती वसे'अत कुल्ला शै'ईन व बे-क़ू-वतेकल'लती क़हारत बहा को'अल्ला शै'ईन व खज़ा'अ लहा को'अल्ला शै'ईन व ज़ल्ला लहा का'अल्ला शै'ईन व बे-जबरू' अतेकल-लती ग़लब'ता बहा कुल्ला शै'ईन व बे-'ल्ज्ज़तेकल-लती ल यक़ा'ओमो लहा शै'उन व बे-'अज़' मतेकल-लती मला'ता कुल्ला शै'ईन व बे-सूल्तानेकल-लज़ी 'अला का' ओल्ला शै'ईन व बे-वज'हेकल-बाक़ी बा'दा फना'ए को'अला शै'ईन व बे-अस्मा'एकल-लती मला'अत अरकाना काल्ला शै'ईन बे-इल्मेकल-लज़ी अहाता बेका'ओल्ले शै'ईन वो बे-नूरे वज'हेकल-लज़ी अज़ा'अलाहू का'अल्ला शै'ईन या नूरो या क़ूद'दूसो या अव्वल'अल-अव्वा'लीना या आखिरल-अखेरीना, अल्ला-हूम्मग'फिरले-यज़-ज़ुनुबल-लती तह्तेकल-'असम, अल्ला-हूम्मग'फिरले यज़-ज़ुनुबल-लती तग'हेरूल-ने'आमा. अल्ला-हूम्मग'फिरले-यज़-ज़ुनुबल-लती तहब'बेसद-दोआ'अ; अल्ला-हूम्मग'फिरले-यज़-ज़ुनुबल-लती तक़ता'उर-रजा'अ अल्ला-हूम्मग'फिरले यज़'ज़ुनुबल-लती तोनज़-ज़े इओ'ई-बला'अ, अल्ला-हूम्मग'फिरले कुल्ला ज़मबिन अज़-नब्तो-हूँ व कुल्ला ख़ती'अतिन अख़-तातोहा अल्ला'हुम्मा इन्नी अता-क़र'राबो इलाहिका बे-ज़िक्रेका वस्-तश' फ़े'ओ बेका इला नफ़सेका व अस'अलोका बे-जूदेका व करामेका अन तुद-नेयानी मं क़ुर'बेका व अन तुज़े'अणि शूक्रका व अन तुल'हेमनी ज़िक्रका, अल्ला-हुम्मा इन्नी अस'अलोका सो'अला खज़े'ईम मूताज़ोल-ईल खाशे'ईम-मतज़र-रे'ईन अन तूस मे'हनी व तर'हमानी व ताज'अलनी बे-क़ीस'मेका राज़ियाँ क़ने'अन व फ़ी जमी'ईल-अहवले मूतावाज़े'अन, अल्ला-हुम्मा व अस'अलोका सो'अला मनीष-तद'दत फ़का'तहू व उन्ज़ेला 'इन्दश-शदा'एदे हजाताहू व 'अज़ोमा फ़ीमा 'इन्दाका रग़बा-तोहू, अल्ला'हुम्मा 'अज़ोमा सूल्तानोका व 'अला-मकानोका व ख़ा'फ़े-या मक्रोका व ज़हरा अम्रोका व ग़लबा क़हरोका व जरत क़ूद' रतोका व ल यूम्केनूल फ़िरारो मं हूकूमतेका, अल्ला'हुम्मा ला अजिदो ले-ज़नूबी ग़ा'फेरौं व ला ले-क़बा'एही सतेरण व ला ले-शैईम मं'अमलिल क़बीहीं बिल-हुस्ने मूबद'देलन ग़ैराका ला इलाहा इल्ला अन्ता सूभानाका व बे'हम्देका ज़लम्तो नफ़सी व तज'र'रतो बेजहली व सकन्तो इला क़दीमे ज़िक्रेका ली व मिन'नेका 'अल्य्या, अल्ला'हुम्मा मौलाया कम'मिन क़'बिहे सतर 'तहों व कम मिन फ़ादेहीम मिनल-बला'ए अक़ल'तहू व कम मिन 'इसरिन व कम मीम मक्रूहीं दफ़'अताहू व कम मिन सना'ईन  जमीलिल-जस्तो अहलल-लहू नश'रताहू, अजला-हुमा 'अज़मा बला'ई व अफ़'रता बी सू'ओ हाली व क़सोरत बी अमाली व  क़'अदत बी अग़'लाली व हबसनी 'अन नफ़ी बू'दो अमली व ख़'अदा 'अतानिद-दून्या बे-ग़ो'रूरेहा व नफ़'सी बे-ख़ेया'नतेहा व  मताली या स्य्येदी फ़-अस'अलोका बे-इज्ज़तेका अल-ईअ यह्जोबा 'अनका दुआ'ई सू'ओ 'अमली व फे'अली व ला तफ़-ज़हनी बे-ख़'अफ़ी-यो मत-तला'ता 'अलैहे मिन सिर्री व ला तो'अ'जिलनी बिल-'ओक़ू'बते 'अला मा 'अमिल'तोहू फ़ी ख़'लावती मिन  सू'ए फ़ैली व इसा'अ व दवामे तफ़'रीति व जहालती व कस'रते शह'वती व ग़फ़लती व किन; अज्जा-हूम्मा बे-'ल्ज्ज़तेका ली फिल-अहवा'ई कूल्लेहा र'ऊफन व'अल्य्या फ़ी जमी'ईल-ओमुरे'अतूफ़ं इलाही व मौलाया व रब्बी मल-ई गै'रोका असअलोका  कशाफा ज़ोर्री वन-नज़ारा फ़ी अमरी इलाही व मौलाया अज्वैता 'अल्य्या हूकमा नित-तबा.तो फ़ीहे हवा नाफ़्सी व लम  अह्तरिस फ़िहे मिन तज़'इने 'अदू-वी फ़ग'अररानी बे-मा अहवा व अस'अदाहो 'अला ज़ालेकल-क़ज़ा'ओ फ़'ताजवज्ता बे-मा जरा 'अल्य्या मिन ज़ालेका बा'ज़ा हुदूदेका व ख़'लोफ़्तो बा'ज़ा अवमिरेका फलाकल-हम्दो 'अल्य्या फ़ी जमग़े'ए ज़ालेका व ला हूज्जता ली फ़ीमा जरा 'अल्य्या फ़ीहे क़ज़ा'ओका व अल्ज़मानी हूक'मोका व बला'ओका व क़द आतैतोका या इल'लाही बा'दा  तक़'सीरी व इस्राफ़ी 'अला नफ़'सी मो'ताज़ेरण नादेमम मा'उन'कसेरम मूस्ता'क़ीजम मूस्ताग़'फेरम मोनीबम मोक़िर'रम मुज़' एनम मो'तरेफ़ल-ला अजेदो म'फ़र'रम मिम्मा काना मिन्नी व ला मफ़'ज़ा'अन अतावज-जहू इल'लाहे फ़ी अमरी गैरा क़बूलेका 'ओज़री व ईद'ख़'लेका इय्या'या फ़ी सा'अतिम मिर-रहमतेका. अल्लाहुम्मा फ़क़'बल 'ओजरी वर-हम शिद'दता  ज़ोर्री व फ़ोक'कानी मिन शद'दे व-सक़ी  या रब्बिर-हम ज़'फ़ा बदानी व रिक़'क़ता जिल्दी व दिक़'क़ता अज़मी या मम  बदा 

ख़लक़ी व जिकरी व तर'बेयती व बर्री व तग़'ज़ेया'ती हब्न्ज लिब-तेदा'ए करा'मेका व सलेफे बर'रेका बी या इलाही  व  स्य्येदी व रब्बी अतोरका मो'अज़'ज़बी बे-नरेका बा'दा तौहीदेका व बा'दा मन्तवा 'अलाझे क़ल्बी मीम म'रेफ़तेका व लहेजा  बेहि लेसनी मिन ज़िक्रेका व' तक़'दहू ज़मीरी मिन हूबेका व बा'दा सिदक़े नव-तेराफ़ी व दो'आई ख़ा'ज़े'अन ले-रोबू-बी-यातेका हैहता अन्ता अक्रमो मिन अन तोज़व्वे'अ मर-रब-बैताहू अव-तो-बा-'इददा मन अदने'तहू अव तोषर'रेदा मन अवब-बैतहू अव  तूसल-लेम इलल-बला'अव मन काफै-तहू व रहीम'तहू व लेता शैर्री या स्य्वादी व इलाही व मौलाया अतोसल-लितुन'नरा  'अला वजूहीन ख़र'रफ़ ले'अज़ा'मतेका सजेदतन व 'अला ई-सोनिन नता'क़त बे-तौ-हीदेका सदे'कतन व बे-शुक'रेका म़ा-देहतन व 'अला क़ोलूबे नेता'रफ़त बे-इलाही-यतेका मोहक़'क़े'क़तन व .अला ज़मा'एरा हवल मिनल 'लिमे बेका  हत्ता  सरत खाशे' अतन व 'अला जवारेहा सा'अत इला अव-ताने ता'अब्बो'देका टा'ए-अतन व अशरत बे-लसतिग़-फ़ारेका मुज़'अनेतन म़ा  हका'ज़ल'ज़न्नो बेका व ला ओख़'बिरना बे-फ़ज़'लेका 'अनका या करीमो या रब्बे व अन्ता ता'लमो ज़'फ़ी 'अन क़'लीलिम  मीम   बला'ईद-दून्या व 'ओक़ू'बतेहा व म़ा यजरी फ़ीहा मिनल-मका'रेहे 'अला अहलेहा 'अला अन्ना ज़ालेका बला'उम  मकरू' होन  क़ली'लूम-मक्सोहू  यासीरून बक़ा'ओहू क़सीरून मूद-दतोहू फ़-कैफ़ा एह्तेमाली ले-बला'ईल-आख़े'रते व जलीले व  क़ू'ईल - मका'रहे  फ़ीहा व होवा बला'उन ता'तूलो मूद'दतोहू व यदु'मो मक़ा'महू व ला योख़फ़'-फ़फ़ो 'अन अहलेहे ले-अन्नाहू  ला   यकूना  इलिया'अन ग़'ज़बेका वन-तेक़'आमेका व सख़'अतेका व हाज़ा मा ला तक़ूमो लहूस-समावातो वल-अर्ज़ो या  स्य्येदी  फ़-कैफ़ा  बी व आना 'अब्दोक'अज़-ज़ा'ईफूज़ ज़लीलूल हक़ी'रूल मिस्कीनूल मूस्ताकीनो, या इलाही व  रब् बी व स्य्येदी व मौलाया ले-इय्यिल-ओमुरे इलैका अशकू व लमा मिन्हा अज़ीज-जो व अब'कज ले-अलीमिल 'अज़ाबे व  शिद'दातेह औ ले-तूलिल-बला ए व मूद-दतेही फ़ला'ईन सियार-तनी फ़िल-'ओक़ू'बाते मा'अ अ'दा'एका व जमा'ता बैनी व  बैना अहले  बला' एका व फ़र'र'क़ता बैनी व बैना अहिब-बा'एका फ़ह'बनी, या इलाही व स्य्येदी व मौलाया व रब्बी  सबरतो  अला 'अज़ाबका फ़-कैफ़ा असबिरो 'अला फ़िरा'क़ेका व हब्नी सबरतो 'अला हररेना'रेका फ़-कैफ़ा असबिरो 'अनिन-नज़ारे इला करामातेका अम कैफ़ा'स कोनो फिं-नारे व रजा'ई 'अफ़ूका फ़-बे'ल्ज्ज़तेका या स्य्येदी व मौलाया ऊक़'सीमो सदे'क़ल-ईअ'ईन तरक्तानी नातेक़ल'-ईअ'अज़ज़े'-जानना इलैका बैना अहलेहा ज़जीजल-अमेलीना व ला-असरो खन्ना इलैका  सूर'अख़ल-मूस्तासरे-खीना व ला-अबके-यन्ना 'अलैका बुका'अल-फ़क़े'दीना व ला 'नदे-यन'नका ऐना कूनता या वली-यल  मो'मेनीना  या ग़याते अमलिल अरे' फ़ीना या गेयासाल-मुस्तग'ही-सीना या हबीबा क़ोलूबिस-सादेक़ीना व या  इलाहल 'अलामीना अफ़तोरका सूभानका या इलाही व बे-हम्देका तस्मा'ओ फ़ीहा सौता 'अब्दिम मूस्लेमिन 'सूजेना फ़ीहा बे-मोखल' अफ़तेही व ज़का त'मा 'अज़ाबेहा बे-मा'सी-यतेही व हूबेसा बैना अत्माकेहा बे-जोप'रमेही व जरीरा'तेहा, व होवा यूज़िज-जो  इलैका ज़जीजा मो'अम-मेलिन ले-रेहमतेका व यूनादीका बे-लेसाने अहले तौहीदेका व यतावस-सलो इलैका बे-रोबूबी-यतेका या मौलाया फ़ कैफ़ा यबक़ा फ़िल'अज़ाबे व होवा यरजू मा सलाफा हिल्मेका व रफ़'अतेका व रहमतेका अम  कैफ़ा  तू-लेमोहून-नारों व होवा यमोलो फज़'लका व रहमतेका अम कतफ़ा योह-रेक़ोहू लहाबूहा व अन्ता तस्मा'ओ सव्ताहू व तरा  मका-नहोप अम कैफ़ा यश्तामेलो 'अलैहे ज़फीरोहा व अन्ता त'लमो ज़'फ़हू अम कैफ़ा यता-ग़-गेलो बैना अत्बा'क़ेहा व अन्ता  ता'लमो सज्द्क़हू अम कैफ़ा ताज़्जो-रोहू ज़बानी-यतोहा व होवा यूना'देका या रब्बाहू अम कैफ़ा यरजू फ़ज'लेका  फ़ी ' ओनो क़ेही मिन्हा फ़-तत-रोकोहू फ़ीहा हैहता मा ज़ालेकज़-अननो बेका व लाल-मा'रूफ़ो मिन फ़ज'लेका व ला मुश'बहूल-लेमा ' अमल्तो बेहिल-मोवाह'हेदीना मीम बिर्रेका व एह्सानेका फ़-बिल-यक़ी'ने अक़ता'ओ लौ ला मा हकमता बेहि मिन ता'ज़ीबे  जाहेदीका व क़'जैता बेहि मिन एख्लादे मो'अनेदीका लजा'अल्तन नहारा कूल'लहा बर-दून व सलामों व मा कानत ले-अहादीन फ़ीहा मक़ार-रौं व ला मेंक़ामल-ला-किन'नका तक़'अद'दसत अस्मा'ओका अक़'समता अन तमला-अहा मिनल-काफ़ेरीना मिनल-जिन्नाते वन्नासे अजमा'ईना व अन तूख़ल-लिदो फ़ीहल-मो'अने'दीना व अन्ता जल्ला सना'ओका क़ुल'ता  मूब'तदे'अन व त'ताव्वलता  बिल-इन.आमे मूताकर'रेमन अफ़मन काना मो'मेनन कमन काना फ़से'क़ल ला यस्ता'ऊना  इलाही  व स्य्येदी फ़'अस'अलोका बिल'क़ूदरतिल'लती क़द'दर तह बिल-क़ाज़ी-यातील-लती क़द'दर-तहा व बिल-क़ाज़ीया तील-लती हतम-तहा व हकाम्तहा व गलबता मन    'अलैहे अजरै'तहा अन तहाबा ली फ़ी ह़ा'ज़ेहिल-लैलते व फ़ी ह़ा'ज़ेहिस-सा'अते  कुल्ला जूर्मिन अजरम'तोहू व कुल्ला ज़म'बिन अज़नब-तोहू व कुल्ला क़'बीहीन असरर-तोहू व कुल्ला जहलिन 'अमिल-तोहू कतम-तोहू औ अलन-तोहू अख़'फ़ल-तोहू औ अज़हर-तोहू व कुल्ला स्य्येअतींन अमरता बे-इसबा'क़ेहल-किरा मल-कातेबीनल-लज़ीना वक्-कल-ता-ह्दोम बे-हिफ्ज़े मा यकूना मिन्नी व जा'अलता-हूम शोहूदन 'अल्य्या मा'अ जवारेही व  कूनता अंतर-रक़ीबा 'अल्य्या मिन वरा'एहिम वश-शाहेदा लेम ख़फे-या 'अन-हूम व बे-रहमतेका अख्फई-तहू व बे-फ़ज्लेका स्तर-तहू व अन तव्फ़'फ़िर-अ हज़'ज़ि मिन कुल्ले खैरिन तून्ज़े'लोहू औ एह्सनिं तूफ'ज़ेलोहू औ बिर्रिन तन-शोरो'हू औ रिज़'  किन बसत-तहों औ ज़मबिन तग़'फ़ेरोहू औ ख़ता'ईन तस्तोरो'हू, या रब्बे, या रब्बे या रब्बे या इलाही व स्य्येदी व  मौलाया  व मलेका रिक़'क़ी  या मम बे-यदेही नसी-यति या अलीमन बे-ज़ोर्री व मस्कलानी या खाबिरण बे-फ़क्री व  फ़काती, या रब्बे या रब्बे, या रब्बे अस'अलोका बे-हक़'क़ेका व क़ूद-सेका व अ'ज़मे सिफातेका व अस्मा'एका  अन तज' अल  औ-क़ाती फ़िल-लैले वन'नहारे बे-ज़िक्रेका मा'मूरातावं व बे-खिज़'मतेका मव्सू-लतावं, व अमली 'इन्दक्स मक़बू'लतन-हत्ता तकूना  अमली व औरदी कूल्लाहा विर्दावं वाहेदन व हली फ़ी ख़िद-मतेका सर्मदन, या स्य्येदी, या मन 'अलैहे मो'अव्वली, या मन  इलैहे  शकाव्तो अहवली, या रब्बी, या रब्बे, या रब्बे क़व-वे 'अला ख़िद-मतेका जवारेही वश-दूद 'अलल 'आज़ी'मते  जवानेही वहब'लीयल जद'दे फ़ी खश-यतेका वद-दवामे फ़िल-इत्ते-सले बे-ख़िद-मतेका हत्ता असरह इलैका फ़ी माया-दीनिस-सबे'क़ीना उसरे'अ इलैका फ़िल मूबादे'रीना वभ-तक़ालला अ'उर'बेका फ़िल-मुश'तकीना व अदनूवा मिनका दोनोव्वल-मूख्लेसीना व अह्फ़का मखाफ़तल-मूक़ेनीना वज-तम'अ फ़ी जवारेका मा'अल-मो'मेनीना, अल्ला-हूम्मा व मन अरदानी बे-सू'जन फ़-अरिद्हो व मन कदनी फ़क्ज्धा वज'अलनी मिन अह्साने 'इबादेका नसीबन 'इनदका व अकरा-बेहीम मनज़ेलातम  मिनका व अख्ज़े-हिम ज़ाल-फ़तल-इअदज्का फ़-इन्नाहू ला-यानालो ज़ालेका तल्ला बे-फ़ज्लेका व जोदनी बे-जूदेका  व'तिफ़ 'अल्य्या  बे-मज'देका  वह'तीज़नि बे-रहमतेका वज'अल लसानी बे-ज़िक्रेका लहेजन व क़ल्बी बे-हूब'बेका मूताम्य्येमन व  मन्ना  बे हुस्ने इजबतेका व अक़ी'लनी 'अस्रात्ज वग़'फ़िरली ज़ललती फ़ इन्नका फ़ज'ऐता 'अलाल्बादेका बे-इबादतेका  व अमरता-हूम बे-दुआ'एका व ज़मिनता लहोमाल-इजबता फ़-इलैका या रब्बे नसब्ता वज-हेया व इलैका या रब्बे मदद-तो  यदे-या फ़बे-'लज़'ज़तेकस- तजिब ली दुआ'ई व बल'लिग्नी मूनाया व ला तक़-तमिन फ़ज़'लेका रजा'ई या सरी'उर-रेज़ा इग़-फ़िर लेमल-ला यम्लेकूद-दुआ'अ फ़-इन्नका फ़.अलूल-लेमा तशा'ओ या मनिस-मोहू दवा'उन व ज़िकरोहो'अ शिफ़ा'अन व  त'अतोहू  ग़े'नन इरहम-मर रसा मलेहिर-रजा'ओ व सिलाहो-हूल-बुका'ओ या सबे'ग़न ने'अमे या दफ़े'अन्ने'क़ामें या नूरल मस्तौ-हेशगेना फ़िज़-ज़ोलमे या 'अलेमल-ला-या'लमा सल्ले 'अला मोहम्मदीन व आले मोहम्मदीन वफ़'अल बी मा अन्ता  अहलोहू  व सल'लल'लाहो अला रसूलेही वल-अ'इम्मतिल मयम'गेना मिन अलेही व सल्लम तस्लीमन कसीरण असीरा:

 

 

अल्लाहोम्मा सल्ले अला मोहम्मदीन व आले मोहम्मद

            

     

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